महफ़िल में कई शायर है तो सुनाओ,
हमे वो शायरी जो दिल के आर पार हो जाये।
हमे वो शायरी जो दिल के आर पार हो जाये।
जिसका ये ऐलान है कि वो मज़े में है,
या तो वो फ़कीर है या फिर नशे में है।
~@lucky_143
इश्क न हुआ कोहरा हो जैसे,
तुम्हारे सिवा कुछ दिखता ही नहीं।
~@lucky_143
एक हसरत थी की कभी वो भी हमे मनाये,
पर ये कम्ब्खत दिल कभी उनसे रूठा ही नही।
~@lucky_143
अधूरा ही रह जाता है हर अल्फाज,
मेरी शायरी का तेरे अहसास की खुश्बू के बिना।
~@lucky_143
कभी मैं तो कभी ये बात बदल रही है,
कमबख्त नींद से मेरी लड़ाई चल रही है।
~@lucky_143
दिल अधूरी सी कहानियों का अंत ढूंढता रहा,
और वो कोरा पन्ना मुझे देर तक घूरता रहा।
~@lucky_143
टूटे हुए दिल भी धड़कते है उम्र भर,
चाहे किसी की याद में या फिर किसी फ़रियाद में।
~@lucky_143
जिस्म से रूह तक जाए तो हकीकत है इश्क,
और रूह से रूह तक जाए तो इबादत है इश्क़।
~@lucky_143
शक होता है जिनको अपने मर्द होने पर
शायद वो ही मासूमों पर मर्दानगी आजमाते हैं।
~@lucky_143
ज़माने में बस ये दो हादसे नही होते,
हम तुमसे जुदा, तुम हमारे नही होते।
हम तुमसे जुदा, तुम हमारे नही होते।
क़लम जब तुमको लिखती है,
दख़ल-अंदाजी फ़िर हम नहीं करते।
~@lucky_143
तेरी याद में मेरी कलम भी रो पड़ी तू ही बता,
मैं कैसे कह दूं कि मुझे तुझसे मोहब्बत नहीं।
~@lucky_143
खुश हूँ कि मुझको जला के तुम हँसे तो सही,
मेरे न सही किसी के दिल में बसे तो सही।
~@lucky_143
नहीं फुर्सत यकीं मानो हमें कुछ और करने की,
तेरी यादें, तेरी बातें बहुत मसरूफ़ रखती है।
~@lucky_143
मुझे भी पता है कि तुम मेरी नहीं हो,
इस बात का बार बार एहसास मत दिलाया करों।
~@lucky_143
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